❤️‍🔥UP Teacher News 2026: 5 साल सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को बड़ा मौका, 16 जिलों में होगा चयन

 


🚡उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है।


✅बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों के लिए स्टेट रिसोर्स ग्रुप (SRG) और अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) पदों पर चयन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। 


🎁विशेष रूप से उन शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने विद्यालयों में कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली है तथा अपने कार्यकाल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। 


📸यह निर्णय प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। विभाग का मानना है कि अनुभवी और कुशल शिक्षकों की सहायता से विद्यालयों में पढ़ाई के स्तर में सुधार लाया जा सकता है तथा नई शैक्षणिक नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। 


क्या है स्टेट रिसोर्स ग्रुप (SRG)?

स्टेट रिसोर्स ग्रुप यानी SRG ऐसे शिक्षकों का समूह होता है जो शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने, शिक्षकों को प्रशिक्षण देने और विद्यालयों में नवाचार को बढ़ावा देने का कार्य करते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर करना होता है। 


🎁SRG सदस्य जिला और राज्य स्तर पर विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों का संचालन करते हैं। वे शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों, गतिविधि आधारित शिक्षण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।


किन शिक्षकों को मिलेगा अवसर?

विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे शिक्षक आवेदन करने के पात्र होंगे जिन्होंने—

कम से कम 5 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो।


विद्यालय में उत्कृष्ट कार्य किया हो।

राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त किया हो तो उन्हें प्राथमिकता मिल सकती है।


✅विभागीय रिकॉर्ड संतोषजनक हो।

शिक्षण कार्य में नवाचार और नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित की हो। 


🎂इससे हजारों शिक्षकों को अपने अनुभव और प्रतिभा को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।


💐16 जिलों में होगा चयन

बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 16 जिलों में रिक्त पड़े SRG पदों पर चयन करने के निर्देश जारी किए हैं। जिन जिलों में चयन होना है उनमें—

बुलंदशहर

प्रयागराज

कुशीनगर

मेरठ

अंबेडकर नगर

अमरोहा

बांदा

बस्ती

एटा

गौतमबुद्ध नगर

हापुड़

हरदोई

झांसी

कौशांबी

लखीमपुर खीरी

सिद्धार्थनगर

शामिल हैं।


🚡इन जिलों में कुल 22 रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया संचालित की जाएगी। 


🥂जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश


विभाग ने सभी संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिले से दो-दो उत्कृष्ट शिक्षकों के नाम निर्धारित समय सीमा के भीतर भेजें। इन नामों के आधार पर आगे चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 


यह प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी ताकि योग्य और अनुभवी शिक्षकों को ही जिम्मेदारी मिल सके।


💯ARP पदों पर भी होगा चयन

SRG के साथ-साथ प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में छह-छह अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) तैनात किए जाने की योजना है। पूरे प्रदेश में लगभग 4956 ARP कार्यरत होंगे। इनका मुख्य कार्य विद्यालयों का निरीक्षण करना तथा शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने में सहयोग देना होगा। 


ARP बनने के लिए भी शिक्षक के पास कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है।

ARP की प्रमुख जिम्मेदारियां

ARP का कार्य केवल निरीक्षण करना नहीं होगा बल्कि वे—

विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता का मूल्यांकन करेंगे।


🚡शिक्षकों को शैक्षणिक सहायता प्रदान करेंगे।

सीखने के परिणामों की समीक्षा करेंगे।

विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे।

विद्यालय भ्रमण कर आवश्यक सुझाव देंगे। 


इसके अलावा ARP को प्रति माह यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा ताकि वे नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण कर सकें।


चयन प्रक्रिया कैसे होगी?


ARP चयन के लिए 100 अंकों की मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जाएगी।

70 अंक लिखित परीक्षा के होंगे।

30 अंक साक्षात्कार के होंगे।

लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी। 


🚡यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि केवल योग्य, दक्ष और प्रेरित शिक्षक ही चयनित हों।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी शिक्षकों को SRG और ARP जैसी भूमिकाओं में शामिल करने से विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे—

विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ेगी।


शिक्षकों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा।


विद्यालयों में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।


🚡प्रदेश सरकार लगातार विद्यालयों में गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रयास कर रही है और यह कदम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 


निष्कर्ष


🚡उत्तर प्रदेश के प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए यह एक बड़ा अवसर है। पांच वर्ष या उससे अधिक अनुभव रखने वाले शिक्षक अब राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनाने और शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का मौका प्राप्त कर सकते हैं। SRG और ARP जैसे पद न केवल शिक्षकों के कैरियर विकास में सहायक होंगे बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भी नई दिशा देंगे। आने वाले दिनों में 16 जिलों में होने वाला यह चयन हजारों शिक्षकों की उम्मीदों को नया आयाम दे सकता है।